उत्तर प्रदेश

कन्नौज में आलू किसानों की समस्याओं को लेकर सपा का कलेक्ट्रेट पर जोरदार धरना, राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा

कन्नौज में सपा ने आलू किसानों की समस्याओं को लेकर धरना दिया। नेताओं ने एमएसपी, उचित मूल्य, डीएपी-यूरिया उपलब्धता, कालाबाजारी रोकने और भंडारण सुविधाएं बढ़ाने की मांग की।

Reported by Pankaj Kumar and edited by Shagun Chaurasia

Kannauj News: उत्तर प्रदेश में कन्नौज जिले के आलू किसानों को उनकी फसल का उचित एवं लाभकारी मूल्य दिलाने, आलू पर एमएसपी लागू करने, डीएपी एवं यूरिया खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कराने तथा खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी, जनपद कन्नौज द्वारा सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया।

आलू किसानों की परेशानी

धरने का नेतृत्व समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष मो० कलीम खान ने किया। संचालन जिला महासचिव रामसेवक राजपूत ने किया। धरने के बाद कार्यकर्ताओं एवं नेताओं ने महामहिम राज्यपाल महोदया को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कन्नौज के माध्यम से सौंपा। जिलाध्यक्ष मो० कलीम खान ने कहा कि कन्नौज की अर्थव्यवस्था में आलू किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन किसान को उसकी फसल का लागत के अनुरूप मूल्य नहीं मिल रहा है। एक तरफ आलू के दाम लगातार दबाव में हैं और दूसरी तरफ किसान डीएपी एवं यूरिया के लिए परेशान है। सरकार को किसानों की इस गंभीर समस्या का तत्काल समाधान करना चाहिए।

किसानों ने मांगी ठोस राहत

पूर्व विधायक कल्यान सिंह दोहरे एवं पूर्व विधायक अरविंद सिंह यादव ने कहा कि किसान की मेहनत का उचित मूल्य मिलना उसका अधिकार है। आलू किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए सरकार को प्रभावी खरीद व्यवस्था और बाजार हस्तक्षेप करना चाहिए। किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस राहत की आवश्यकता है। पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी एवं वरिष्ठ सपा नेता अनिल पाल ने कहा कि खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों में भारी असंतोष है। डीएपी और यूरिया की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।समिति तो वरिष्ठ सपा नेता जय कुमार तिवारी एवं वरिष्ठ नेता हुकुम सिंह यादव ने कहा कि किसानों की फसल जब बाजार में आती है तो उन्हें उचित भाव नहीं मिलता और जब किसान अगली फसल की तैयारी करता है तो खाद के लिए परेशान होना पड़ता है। सरकार को कृषि व्यवस्था की इन दोनों समस्याओं का स्थायी समाधान करना चाहिए।

बेहतर बाजार की मांग

किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत किए बिना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत नहीं किया जा सकता। आलू किसानों के लिए ऐसी नीति आवश्यक है जिससे उन्हें अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े। ने कहा कि किसानों के हित में बनाई गई कृषि एवं विपणन संबंधी व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाना चाहिए। किसानों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर बाजार और भंडारण की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।

किसानों के मुद्दे उठे

प्रदेश उपाध्यक्ष मौलाना इरफ़ानुल हक़ कादरी एवं राष्ट्रीय सचिव रामशंकर लोधी एवं सपा प्रदेश सचिव आकाश शाक्य ने कहा कि कन्नौज में आलू किसानों की समस्या केवल मौजूदा भाव की समस्या नहीं है, बल्कि यह उत्पादन, भंडारण, विपणन और मूल्य निर्धारण से जुड़ा व्यापक विषय है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए कृषि एवं विपणन ढांचे को विकसित करने के प्रयास किए गए थे। ठठिया आलू मंडी और तिर्वा किसान बाजार इसी दिशा में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के उदाहरण हैं। इन व्यवस्थाओं को उनकी पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।

कृषि नीति पर सवाल

सयुस प्रदेश उपाध्यक्ष हसीब हसन एवं वरिष्ठ नेता यश कुमार दोहरे, सपा नेत्री शशिमा सिंह दोहरे, सपा नेता राकेश कठेरिया ने कहा कि किसानों को खाद के लिए लाइन में लगना पड़े और अपनी फसल बेचने के बाद भी लागत न निकल पाए, यह स्थिति सरकार की कृषि नीति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सरकार को तत्काल किसानों की समस्याओं पर संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए।

अखिलेश यादव सरकार के कार्यों का किया उल्लेख

धरने के दौरान नेताओं ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में किसानों, गांवों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं एवं बुनियादी ढांचे पर काम किया गया। कन्नौज में कृषि विपणन से जुड़ी व्यवस्थाओं को विकसित करने का उद्देश्य किसानों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराना था।

सपा नेता श्याम सिंह यादव एवं सपा नेत्री अंगूरी दहाड़िया एवं जिला पंचायत सदस्य सरोजिनी कुशवाहा,सपा नेत्री रंजू पाल,राजू इदरीसी जिलाध्यक्ष सयुस, अंशू पाल जिलाध्यक्ष सलोवा, योगेश शर्मा जिलाध्यक्ष छात्र सभा, अरुण यादव जिलाध्यक्ष अधिवक्ता सभा सहित आदि नेताओं ने कहा कि ठठिया आलू मंडी तथा तिर्वा किसान बाजार जैसी व्यवस्थाओं को वर्तमान समय में भी पूरी क्षमता के साथ संचालित किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसानों के लिए बनाई गई ऐसी परिसंपत्तियां प्रभावी ढंग से संचालित हों तो किसानों को अपनी उपज के विपणन में काफी सुविधा मिल सकती है।

किसानों ने रखीं प्रमुख मांगें

धरने में वक्ताओं ने आलू पर एमएसपी लागू करने, किसानों को लाभकारी मूल्य दिलाने, डीएपी एवं यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता, खाद की कालाबाजारी रोकने, ठठिया आलू मंडी एवं तिर्वा किसान बाजार को पूरी तरह संचालित करने तथा आलू के भंडारण की सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की। इस अवसर पर रजनीकांत यादव,पूर्व ब्लॉक प्रमुख,पी पी सिंह वघेल निवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष,राजेंद्र यादव पूर्व ब्लाक सहित प्रमुख समाजवादी पार्टी के विभिन्न पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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